CABBAGE

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पत्ता गोभी की कुछ उन्नत और लोकप्रिय किस्में (Popular Varieties):
  • गोल्डेन एकर (Golden Acre): यह बहुत जल्दी तैयार होने वाली (Early variety) और सबसे लोकप्रिय किस्म है। इसके गोले छोटे, गोल और ठोस होते हैं।
  • पूसा मुक्ता (Pusa Mukta): यह किस्म बीमारियों (विशेषकर ब्लैक रॉट) से लड़ने में सक्षम है और इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है।
  • पूसा ड्रमहेड (Pusa Drumhead): यह देर से तैयार होने वाली (Late variety) किस्म है, जिसके गोले आकार में काफी बड़े और चपटे होते हैं।
  • लाल पत्ता गोभी (Red Cabbage): यह बैंगनी/लाल रंग की पत्ता गोभी होती है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सलाद में किया जाता है।
उगाने के लिए जरूरी टिप्स:
  • बुवाई का सही समय: मैदानी इलाकों में इसकी नर्सरी तैयार करने का सबसे उत्तम समय सितंबर से नवंबर के बीच होता है।
  • उगाने का तरीका: पत्ता गोभी के बीजों को सीधे खेत या गमले में नहीं बोया जाता। पहले इसके बीजों से नर्सरी (पौध) तैयार की जाती है, और जब पौधे 4-5 पत्तियों के (लगभग 25-30 दिन पुराने) हो जाते हैं, तब उन्हें मुख्य खेत या बड़े गमले में रोपा (Transplant किया) जाता है।
  • फसल की अवधि: रोपाई के बाद किस्म के आधार पर यह 60 से 90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है।

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Type

पत्ता गोभी की कुछ उन्नत और लोकप्रिय किस्में (Popular Varieties):
  • गोल्डेन एकर (Golden Acre): यह बहुत जल्दी तैयार होने वाली (Early variety) और सबसे लोकप्रिय किस्म है। इसके गोले छोटे, गोल और ठोस होते हैं।
  • पूसा मुक्ता (Pusa Mukta): यह किस्म बीमारियों (विशेषकर ब्लैक रॉट) से लड़ने में सक्षम है और इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है।
  • पूसा ड्रमहेड (Pusa Drumhead): यह देर से तैयार होने वाली (Late variety) किस्म है, जिसके गोले आकार में काफी बड़े और चपटे होते हैं।
  • लाल पत्ता गोभी (Red Cabbage): यह बैंगनी/लाल रंग की पत्ता गोभी होती है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सलाद में किया जाता है।
उगाने के लिए जरूरी टिप्स:
  • बुवाई का सही समय: मैदानी इलाकों में इसकी नर्सरी तैयार करने का सबसे उत्तम समय सितंबर से नवंबर के बीच होता है।
  • उगाने का तरीका: पत्ता गोभी के बीजों को सीधे खेत या गमले में नहीं बोया जाता। पहले इसके बीजों से नर्सरी (पौध) तैयार की जाती है, और जब पौधे 4-5 पत्तियों के (लगभग 25-30 दिन पुराने) हो जाते हैं, तब उन्हें मुख्य खेत या बड़े गमले में रोपा (Transplant किया) जाता है।
  • फसल की अवधि: रोपाई के बाद किस्म के आधार पर यह 60 से 90 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है।