फूलगोभी की मुख्य श्रेणियां और उन्नत किस्में (Categories & Varieties):
फूलगोभी को बुवाई के समय के आधार पर तीन मुख्य भागों में बांटा जाता है:
- अगेती किस्में (Early Varieties - मई से अगस्त): पूसा कतकी (Pusa Katki), पूसा दीपाली (Pusa Deepali)। ये गर्म तापमान को सहन कर सकती हैं।
- मध्यम किस्में (Main Season Varieties - सितंबर से अक्टूबर): पंत शुभ्रा (Pant Shubhra), पूसा हाइब्रिड-2 (Pusa Hybrid-2)।
- पछेती किस्में (Late Varieties - नवंबर से दिसंबर): पूसा स्नोबॉल (Pusa Snowball K-1)। इसके फूल सबसे सफेद, ठोस और आकार में बड़े होते हैं।
उगाने के लिए जरूरी टिप्स:
- उगाने का तरीका: पत्ता गोभी की तरह, फूलगोभी को भी पहले नर्सरी (पौध) में तैयार किया जाता है। जब पौधे 3-4 सप्ताह के हो जाते हैं, तब उन्हें मुख्य खेत या गमलों में रोपा (Transplanting) जाता है।
- मिट्टी और धूप: इसे अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी (Loam soil) और रोजाना 6 से 8 घंटे की सीधी धूप की आवश्यकता होती है।
- फसल की अवधि: रोपाई के बाद यह किस्म के आधार पर 60 से 90 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाती है।
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फूलगोभी की मुख्य श्रेणियां और उन्नत किस्में (Categories & Varieties):
फूलगोभी को बुवाई के समय के आधार पर तीन मुख्य भागों में बांटा जाता है:
- अगेती किस्में (Early Varieties - मई से अगस्त): पूसा कतकी (Pusa Katki), पूसा दीपाली (Pusa Deepali)। ये गर्म तापमान को सहन कर सकती हैं।
- मध्यम किस्में (Main Season Varieties - सितंबर से अक्टूबर): पंत शुभ्रा (Pant Shubhra), पूसा हाइब्रिड-2 (Pusa Hybrid-2)।
- पछेती किस्में (Late Varieties - नवंबर से दिसंबर): पूसा स्नोबॉल (Pusa Snowball K-1)। इसके फूल सबसे सफेद, ठोस और आकार में बड़े होते हैं।
उगाने के लिए जरूरी टिप्स:
- उगाने का तरीका: पत्ता गोभी की तरह, फूलगोभी को भी पहले नर्सरी (पौध) में तैयार किया जाता है। जब पौधे 3-4 सप्ताह के हो जाते हैं, तब उन्हें मुख्य खेत या गमलों में रोपा (Transplanting) जाता है।
- मिट्टी और धूप: इसे अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी (Loam soil) और रोजाना 6 से 8 घंटे की सीधी धूप की आवश्यकता होती है।
- फसल की अवधि: रोपाई के बाद यह किस्म के आधार पर 60 से 90 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाती है।





