- गोभी का आकार और बनावट: इसके बंद/फूल (Heads) गोल, बेहद ठोस (compact) और आकर्षक चमकदार हरे रंग (Bright Green) के होते हैं। [1]
- वजन: अनुकूल परिस्थितियों में इसके एक बंद का वजन लगभग 1.25 किलोग्राम से 2.0 किलोग्राम तक होता है, जो बाजार में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
- लंबी भंडारण क्षमता (Good Shelf Life): इस किस्म की गोभी कटाई के बाद जल्दी खराब नहीं होती। इसके कारण इसे दूर की मंडियों में भेजने (परिवहन) के लिए यह बहुत उपयुक्त मानी जाती है।
- समानता (Uniformity): खेत में सभी पौधे एक ही समय पर तैयार होते हैं और गोभी का आकार एक समान रहता है, जिससे कटाई में आसानी होती है।
2. फसल की अवधि (Maturity Period)
- यह एक मध्यम-जल्दी (Medium-Early) तैयार होने वाली किस्म है।
- मुख्य खेत में पौधों की रोपाई (Transplanting) करने के लगभग 60 से 70 दिन बाद यह कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है।
3. बुवाई का समय (Sowing Season)
- पत्तागोभी मूल रूप से ठंडी जलवायु की फसल है।
- भारत के मैदानी इलाकों में इसकी नर्सरी तैयार करने का सबसे सही समय सितंबर से नवंबर के बीच होता है। पहाड़ी क्षेत्रों में इसे गर्मियों और वसंत के मौसम में भी उगाया जाता है।
4. नर्सरी प्रबंधन और रोपाई (Nursery & Transplanting)
- बीज उपचार (Seed Treatment): बुवाई से पहले बीजों को फफूंदनाशी (जैसे मेटालेक्सिल / टैग्रोन 35 WS) से उपचारित जरूर करें ताकि शुरुआती अवस्था में 'डैम्पिंग ऑफ' (पौध सड़न) रोग न लगे।
- रोपाई: जब नर्सरी में पौधे 4 से 5 पत्तियों के हो जाएं (लगभग 25-30 दिन में), तब उन्हें शाम के समय तैयार मुख्य खेत में रोप दें।
- दूरी (Spacing): कतार से कतार की दूरी 45 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 30 से 45 सेमी रखनी चाहिए।
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- गोभी का आकार और बनावट: इसके बंद/फूल (Heads) गोल, बेहद ठोस (compact) और आकर्षक चमकदार हरे रंग (Bright Green) के होते हैं। [1]
- वजन: अनुकूल परिस्थितियों में इसके एक बंद का वजन लगभग 1.25 किलोग्राम से 2.0 किलोग्राम तक होता है, जो बाजार में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
- लंबी भंडारण क्षमता (Good Shelf Life): इस किस्म की गोभी कटाई के बाद जल्दी खराब नहीं होती। इसके कारण इसे दूर की मंडियों में भेजने (परिवहन) के लिए यह बहुत उपयुक्त मानी जाती है।
- समानता (Uniformity): खेत में सभी पौधे एक ही समय पर तैयार होते हैं और गोभी का आकार एक समान रहता है, जिससे कटाई में आसानी होती है।
2. फसल की अवधि (Maturity Period)
- यह एक मध्यम-जल्दी (Medium-Early) तैयार होने वाली किस्म है।
- मुख्य खेत में पौधों की रोपाई (Transplanting) करने के लगभग 60 से 70 दिन बाद यह कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है।
3. बुवाई का समय (Sowing Season)
- पत्तागोभी मूल रूप से ठंडी जलवायु की फसल है।
- भारत के मैदानी इलाकों में इसकी नर्सरी तैयार करने का सबसे सही समय सितंबर से नवंबर के बीच होता है। पहाड़ी क्षेत्रों में इसे गर्मियों और वसंत के मौसम में भी उगाया जाता है।
4. नर्सरी प्रबंधन और रोपाई (Nursery & Transplanting)
- बीज उपचार (Seed Treatment): बुवाई से पहले बीजों को फफूंदनाशी (जैसे मेटालेक्सिल / टैग्रोन 35 WS) से उपचारित जरूर करें ताकि शुरुआती अवस्था में 'डैम्पिंग ऑफ' (पौध सड़न) रोग न लगे।
- रोपाई: जब नर्सरी में पौधे 4 से 5 पत्तियों के हो जाएं (लगभग 25-30 दिन में), तब उन्हें शाम के समय तैयार मुख्य खेत में रोप दें।
- दूरी (Spacing): कतार से कतार की दूरी 45 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 30 से 45 सेमी रखनी चाहिए।





