- बीज का प्रकार: यह एक F1 हाइब्रिड (F1 Hybrid) किस्म है, जो पौधों को रोग प्रतिरोधक क्षमता और तेजी से बढ़ने की शक्ति देती है। [1]
- पत्तियों की बनावट: इसकी पत्तियाँ गहरे हरे रंग की, चमकदार, मोटी और लंबी व चौड़ी होती हैं। आकर्षक पत्तियों के कारण बाजार में इसकी मांग और कीमत (Market Value) हमेशा अच्छी बनी रहती है। [1]
- फसल की परिपक्वता (Maturity): बुवाई के लगभग 25 से 30 दिनों के भीतर यह पहली कटाई (First Harvesting) के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है। [1]
- बहु-कटाई (Multi-cutting): इस किस्म से आप आसानी से 4 से 6 बार या उससे अधिक बार कटाई ले सकते हैं। एक बार काटने के बाद इसकी पत्तियां दोबारा बहुत तेजी से विकसित होती हैं।
- मौसम: इसे मुख्य रूप से रबी (सर्दी) के मौसम में सबसे अच्छे परिणाम के लिए उगाया जाता है, लेकिन अनुकूल सिंचाई व्यवस्था के साथ इसे साल के अधिकांश महीनों में बोया जा सकता है। [1]
???? बुवाई और खेती के टिप्स (Cultivation Tips)
- मिट्टी की तैयारी: अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे उपयुक्त है। बुवाई से पहले खेत में अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद जरूर मिलाएं।
- बुवाई का तरीका: बीजों को 20-25 सेमी की दूरी पर कतारों (Lines) में बोना सबसे अच्छा रहता है, जिससे खरपतवार निकालने और कटाई करने में आसानी होती है।
- सिंचाई: मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें। अत्यधिक पानी देने से बचें ताकि जड़ें सुरक्षित रहें।
यदि आप इस बीज को ऑनलाइन या थोक में खरीदना चाहते हैं, तो यह व्यावसायिक कृषि प्लेटफॉर्म जैसे IndiaMART पर Awasthi Kantedar Seed के माध्यम से 1 किलोग्राम की पैकिंग में आसानी से उपलब्ध है।
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- बीज का प्रकार: यह एक F1 हाइब्रिड (F1 Hybrid) किस्म है, जो पौधों को रोग प्रतिरोधक क्षमता और तेजी से बढ़ने की शक्ति देती है। [1]
- पत्तियों की बनावट: इसकी पत्तियाँ गहरे हरे रंग की, चमकदार, मोटी और लंबी व चौड़ी होती हैं। आकर्षक पत्तियों के कारण बाजार में इसकी मांग और कीमत (Market Value) हमेशा अच्छी बनी रहती है। [1]
- फसल की परिपक्वता (Maturity): बुवाई के लगभग 25 से 30 दिनों के भीतर यह पहली कटाई (First Harvesting) के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है। [1]
- बहु-कटाई (Multi-cutting): इस किस्म से आप आसानी से 4 से 6 बार या उससे अधिक बार कटाई ले सकते हैं। एक बार काटने के बाद इसकी पत्तियां दोबारा बहुत तेजी से विकसित होती हैं।
- मौसम: इसे मुख्य रूप से रबी (सर्दी) के मौसम में सबसे अच्छे परिणाम के लिए उगाया जाता है, लेकिन अनुकूल सिंचाई व्यवस्था के साथ इसे साल के अधिकांश महीनों में बोया जा सकता है। [1]
???? बुवाई और खेती के टिप्स (Cultivation Tips)
- मिट्टी की तैयारी: अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे उपयुक्त है। बुवाई से पहले खेत में अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद जरूर मिलाएं।
- बुवाई का तरीका: बीजों को 20-25 सेमी की दूरी पर कतारों (Lines) में बोना सबसे अच्छा रहता है, जिससे खरपतवार निकालने और कटाई करने में आसानी होती है।
- सिंचाई: मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें। अत्यधिक पानी देने से बचें ताकि जड़ें सुरक्षित रहें।
यदि आप इस बीज को ऑनलाइन या थोक में खरीदना चाहते हैं, तो यह व्यावसायिक कृषि प्लेटफॉर्म जैसे IndiaMART पर Awasthi Kantedar Seed के माध्यम से 1 किलोग्राम की पैकिंग में आसानी से उपलब्ध है।





