- फसल की अवधि: यह एक जल्दी और मध्यम अवधि में पकने वाली किस्म है। बुवाई के बाद यह फसल लगभग 90 से 100 दिनों में पककर पूरी तरह तैयार हो जाती है। [1]
- पौधे की बनावट: इसके पौधे काफी मजबूत और झाड़ीदार होते हैं, जिनकी बढ़वार अच्छी होती है। पौधों में फलियाँ भरपूर मात्रा में लगती हैं। [1]
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: इस संशोधित किस्म में चने में लगने वाले प्रमुख रोगों (जैसे उकठा या विल्ट रोग) के प्रति अच्छी प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है, जिससे फसल सुरक्षित रहती है। [1]
- अनुकूलता: यह बीज सिंचित (Irrigated) और असिंचित (Unirrigated) दोनों ही प्रकार के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त माना जाता है। [1]
???? पैदावार (Yield)
- प्रति एकड़ उत्पादन: सही देखरेख, संतुलित खाद और उचित प्रबंधन के साथ इसकी औसत पैदावार लगभग 15 से 17 क्विंटल प्रति एकड़ तक देखी गई है। [1]
- प्रति हेक्टेयर उत्पादन: कृषि विज्ञान केंद्रों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक का बंपर उत्पादन देने में सक्षम है। [1]
1400
1550
- फसल की अवधि: यह एक जल्दी और मध्यम अवधि में पकने वाली किस्म है। बुवाई के बाद यह फसल लगभग 90 से 100 दिनों में पककर पूरी तरह तैयार हो जाती है। [1]
- पौधे की बनावट: इसके पौधे काफी मजबूत और झाड़ीदार होते हैं, जिनकी बढ़वार अच्छी होती है। पौधों में फलियाँ भरपूर मात्रा में लगती हैं। [1]
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: इस संशोधित किस्म में चने में लगने वाले प्रमुख रोगों (जैसे उकठा या विल्ट रोग) के प्रति अच्छी प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है, जिससे फसल सुरक्षित रहती है। [1]
- अनुकूलता: यह बीज सिंचित (Irrigated) और असिंचित (Unirrigated) दोनों ही प्रकार के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त माना जाता है। [1]
???? पैदावार (Yield)
- प्रति एकड़ उत्पादन: सही देखरेख, संतुलित खाद और उचित प्रबंधन के साथ इसकी औसत पैदावार लगभग 15 से 17 क्विंटल प्रति एकड़ तक देखी गई है। [1]
- प्रति हेक्टेयर उत्पादन: कृषि विज्ञान केंद्रों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक का बंपर उत्पादन देने में सक्षम है। [1]





