OXYFLUORFEN 23.5? HERBICIDE OXY GOLD

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  • दोहरा नियंत्रण (Pre & Early Post-Emergence): यह खरपतवार उगने से पहले (Pre-emergent) और उगने के तुरंत बाद शुरुआती अवस्था (Early post-emergent) में भी काम करता है। [1]
  • केमिकल बैरियर: जब इसे मिट्टी पर स्प्रे किया जाता है, तो यह एक सुरक्षा परत बना लेता है। जैसे ही खरपतवार के अंकुर इसके संपर्क में आते हैं, यह उन्हें तुरंत नष्ट कर देता है। [1, 2]
  • धूप की आवश्यकता: यह दवा सूर्य के प्रकाश (Sunlight) की मौजूदगी में बहुत तेजी से असर करती है और खरपतवारों की कोशिका झिल्ली (Cell membrane) को नष्ट कर देती है। [1, 2]
???? प्रमुख फसलें और लक्षित खरपतवार (Target Crops & Weeds)
यह मुख्य रूप से निम्नलिखित फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए उपयोग की जाती है: [1]
  1. प्याज और लहसुन (Onion & Garlic): प्याज की नर्सरी और मुख्य खेत दोनों में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार जैसे बथुआ (Chenopodium) और जंगली चौलाई (Amaranthus) को रोकने के लिए यह सबसे लोकप्रिय दवा है। [1]
  2. धान (Transplanted Rice): धान की रोपाई के बाद सावां (Echinochloa) और मोथा (Cyperus) प्रजाति के खरपतवारों को नियंत्रित करता है。 [1]
  3. अन्य फसलें: इसका उपयोग चाय के बागानों, मूंगफली, आलू, मेंथा और सोयाबीन में भी किया जाता है। [1, 2]
???? खुराक (Dosage) और प्रयोग करने का सही समय
खेत में पर्याप्त नमी होने पर ही इसका छिड़काव करें: [1]
  • प्याज की नर्सरी में: बीज बोने के 15 से 25 दिन बाद (जब खरपतवार बहुत छोटे हों) 10-12 मिलीलीटर प्रति 15 लीटर पानी के पंप में मिलाकर स्प्रे करें। [1]
  • मुख्य खेत में (प्याज/लहसुन/धान):
    • रोपाई के तुरंत बाद (0-3 दिन के भीतर): खरपतवार उगने से पहले रोकने के लिए 200 से 250 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
    • खड़ी फसल में (शुरुआती पोस्ट-इमरजेंस): यदि खरपतवार 2 से 3 पत्तियों के हो चुके हैं, तो खरपतवार के आकार के अनुसार 6 से 10 मिलीलीटर प्रति 15 लीटर पंप के हिसाब से निर्देशित स्प्रे (Directed Spray) करें। [1, 2]

110 150
Type

  • दोहरा नियंत्रण (Pre & Early Post-Emergence): यह खरपतवार उगने से पहले (Pre-emergent) और उगने के तुरंत बाद शुरुआती अवस्था (Early post-emergent) में भी काम करता है। [1]
  • केमिकल बैरियर: जब इसे मिट्टी पर स्प्रे किया जाता है, तो यह एक सुरक्षा परत बना लेता है। जैसे ही खरपतवार के अंकुर इसके संपर्क में आते हैं, यह उन्हें तुरंत नष्ट कर देता है। [1, 2]
  • धूप की आवश्यकता: यह दवा सूर्य के प्रकाश (Sunlight) की मौजूदगी में बहुत तेजी से असर करती है और खरपतवारों की कोशिका झिल्ली (Cell membrane) को नष्ट कर देती है। [1, 2]
???? प्रमुख फसलें और लक्षित खरपतवार (Target Crops & Weeds)
यह मुख्य रूप से निम्नलिखित फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए उपयोग की जाती है: [1]
  1. प्याज और लहसुन (Onion & Garlic): प्याज की नर्सरी और मुख्य खेत दोनों में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार जैसे बथुआ (Chenopodium) और जंगली चौलाई (Amaranthus) को रोकने के लिए यह सबसे लोकप्रिय दवा है। [1]
  2. धान (Transplanted Rice): धान की रोपाई के बाद सावां (Echinochloa) और मोथा (Cyperus) प्रजाति के खरपतवारों को नियंत्रित करता है。 [1]
  3. अन्य फसलें: इसका उपयोग चाय के बागानों, मूंगफली, आलू, मेंथा और सोयाबीन में भी किया जाता है। [1, 2]
???? खुराक (Dosage) और प्रयोग करने का सही समय
खेत में पर्याप्त नमी होने पर ही इसका छिड़काव करें: [1]
  • प्याज की नर्सरी में: बीज बोने के 15 से 25 दिन बाद (जब खरपतवार बहुत छोटे हों) 10-12 मिलीलीटर प्रति 15 लीटर पानी के पंप में मिलाकर स्प्रे करें। [1]
  • मुख्य खेत में (प्याज/लहसुन/धान):
    • रोपाई के तुरंत बाद (0-3 दिन के भीतर): खरपतवार उगने से पहले रोकने के लिए 200 से 250 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
    • खड़ी फसल में (शुरुआती पोस्ट-इमरजेंस): यदि खरपतवार 2 से 3 पत्तियों के हो चुके हैं, तो खरपतवार के आकार के अनुसार 6 से 10 मिलीलीटर प्रति 15 लीटर पंप के हिसाब से निर्देशित स्प्रे (Directed Spray) करें। [1, 2]