पनीडा ग्रांडे एक प्री-इमर्जेंस दवा है, जिसका मतलब है कि यह खरपतवारों को उगने से पहले ही खत्म कर देती है। जब इसे मिट्टी पर छिड़का जाता है, तो यह एक रासायनिक परत (barrier) बना लेती है। जैसे ही खरपतवार के बीज अंकुरित होते हैं, यह उनकी कोशिकाओं के विभाजन (cell division) और जड़ों के विकास को रोक देती है, जिससे घास मिट्टी से बाहर आने से पहले ही मर जाती है. [1, 2, 3, 4]
- ध्यान दें: यह केवल उगने वाले बीजों पर काम करती है। यदि खेत में खरपतवार पहले से बड़े हो चुके हैं, तो यह दवा उन पर असर नहीं करेगी. [1, 2]
3. मुख्य फसलें और लक्षित खरपतवार (Target Crops & Weeds)
- प्रमुख फसलें: सोयाबीन, कपास (कॉटन), प्याज, लहसुन, मिर्च, टमाटर, मूंगफली, गेहूं और सरसों. [1, 2]
- नियंत्रित खरपतवार: वार्षिक घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (जैसे- मोथा, बथुआ, सवा घास, मकड़ा घास, चौलाई, हिरनखुरी आदि). [1, 2]
4. प्रयोग की मात्रा और सही समय (Dosage & Application Timing)
- सही समय: इसे फसल की बोआई या रोपाई के तुरंत बाद (0 से 3 दिन के भीतर) छिड़कना अनिवार्य है, जब तक कि खरपतवार बाहर न आए हों. [1, 2]
- मात्रा (Dosage):
- 600 से 700 मिलीलीटर प्रति एकड़ (मिट्टी के प्रकार के अनुसार).
- पानी की मात्रा: इसे 150 से 200 लीटर साफ पानी में मिलाकर प्रति एकड़ समान रूप से स्प्रे करें.
- प्रति स्प्रे पंप (15 लीटर): लगभग 100 मिलीलीटर दवा प्रति टंकी
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पनीडा ग्रांडे एक प्री-इमर्जेंस दवा है, जिसका मतलब है कि यह खरपतवारों को उगने से पहले ही खत्म कर देती है। जब इसे मिट्टी पर छिड़का जाता है, तो यह एक रासायनिक परत (barrier) बना लेती है। जैसे ही खरपतवार के बीज अंकुरित होते हैं, यह उनकी कोशिकाओं के विभाजन (cell division) और जड़ों के विकास को रोक देती है, जिससे घास मिट्टी से बाहर आने से पहले ही मर जाती है. [1, 2, 3, 4]
- ध्यान दें: यह केवल उगने वाले बीजों पर काम करती है। यदि खेत में खरपतवार पहले से बड़े हो चुके हैं, तो यह दवा उन पर असर नहीं करेगी. [1, 2]
3. मुख्य फसलें और लक्षित खरपतवार (Target Crops & Weeds)
- प्रमुख फसलें: सोयाबीन, कपास (कॉटन), प्याज, लहसुन, मिर्च, टमाटर, मूंगफली, गेहूं और सरसों. [1, 2]
- नियंत्रित खरपतवार: वार्षिक घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार (जैसे- मोथा, बथुआ, सवा घास, मकड़ा घास, चौलाई, हिरनखुरी आदि). [1, 2]
4. प्रयोग की मात्रा और सही समय (Dosage & Application Timing)
- सही समय: इसे फसल की बोआई या रोपाई के तुरंत बाद (0 से 3 दिन के भीतर) छिड़कना अनिवार्य है, जब तक कि खरपतवार बाहर न आए हों. [1, 2]
- मात्रा (Dosage):
- 600 से 700 मिलीलीटर प्रति एकड़ (मिट्टी के प्रकार के अनुसार).
- पानी की मात्रा: इसे 150 से 200 लीटर साफ पानी में मिलाकर प्रति एकड़ समान रूप से स्प्रे करें.
- प्रति स्प्रे पंप (15 लीटर): लगभग 100 मिलीलीटर दवा प्रति टंकी





