ओसाका सुपर (Osaka Super) एक बहुत ही शक्तिशाली और आधुनिक चयनात्मक (Selective) और पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवार नाशक (Herbicide) है. इसका उपयोग फसलों में उग आए अनचाहे घास-फूस को खत्म करने के लिए किया जाता है. [1, 2]
इसमें दो अलग-अलग प्रकार के सक्रिय तत्वों (Technical Names) का अनोखा मिश्रण होता है, जो खरपतवारों पर दोहरा हमला करते हैं:
- प्रोपाक्विज़ाफ़ॉप 5% (Propaquizafop 5%) – यह मुख्य रूप से संकरी (पतली) पत्ती वाले घास कुल के खरपतवारों को नियंत्रित करता है.
- ऑक्सीफ्लूरोफेन 12% ईसी (Oxyfluorfen 12?) – यह मुख्य रूप से चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को खत्म करता है. [1, 2]
खेती में इसके काम करने के तरीके, उपयोग और खुराक की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
1. यह कैसे काम करता है? (Mode of Action)
- दोहरी क्रिया (Systemic + Contact Action): इसमें मौजूद प्रोपाक्विज़ाफ़ॉप प्रणालीगत (Systemic) तरीके से काम करते हुए घास की जड़ों तक जाकर उसे सुखाता है। वहीं ऑक्सीफ्लूरोफेन सम्पर्क (Contact) में आते ही खरपतवार की कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। [1, 2]
- एक ही स्प्रे में पूरा समाधान: चूंकि इसमें दोनों टेक्निकल शामिल हैं, इसलिए किसान को संकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए अलग-अलग दवाएं मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती। [1, 2]
2. मुख्य रूप से किस फसल के लिए उपयोगी है?
- प्याज (Onion) और लहसुन (Garlic): यह दवा मुख्य रूप से प्याज की फसल के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार मानी जाती है. इसके अलावा इसका उपयोग सोयाबीन और मूंगफली में भी कुछ विशेष परिस्थितियों में किया जाता है.
- यह प्याज की मुख्य फसल को बिना कोई नुकसान पहुँचाए सिर्फ उसके बीच उगे खरपतवारों को चुन-चुन कर मारता है. [1, 2, 3, 4]
3. किन खरपतवारों (घास) को नियंत्रित करता है?
यह खेत में उगने वाले लगभग सभी प्रकार के सालाना घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नष्ट करता है: [1]
- संकरी पत्ती: सावां (Barnyard Grass), मकरा घास (Crab Grass), दूब घास (बीज से उगी हुई)।
- चौड़ी पत्ती: बथुआ, जंगली चौलाई, गाजर घास, जंगली तंबाकू, जंगली सरसों और पत्थरचट्टा। [1, 2]
4. उपयोग करने का सही समय और तरीका
- खरपतवार की अवस्था: इसका छिड़काव तब करें जब खरपतवार उग चुके हों और वे 2 से 4 पत्तियों की शुरुआती अवस्था में हों। बहुत बड़े हो चुके घासों पर इसका असर कम होता है। [1, 2]
- मिट्टी में नमी: छिड़काव के समय खेत की मिट्टी में पर्याप्त नमी (गीलापन) होनी चाहिए। सूखे खेत में डालने से फसल को झटका लग सकता है और घास भी नहीं मरेगी। [1, 2]
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ओसाका सुपर (Osaka Super) एक बहुत ही शक्तिशाली और आधुनिक चयनात्मक (Selective) और पोस्ट-इमर्जेंस खरपतवार नाशक (Herbicide) है. इसका उपयोग फसलों में उग आए अनचाहे घास-फूस को खत्म करने के लिए किया जाता है. [1, 2]
इसमें दो अलग-अलग प्रकार के सक्रिय तत्वों (Technical Names) का अनोखा मिश्रण होता है, जो खरपतवारों पर दोहरा हमला करते हैं:
- प्रोपाक्विज़ाफ़ॉप 5% (Propaquizafop 5%) – यह मुख्य रूप से संकरी (पतली) पत्ती वाले घास कुल के खरपतवारों को नियंत्रित करता है.
- ऑक्सीफ्लूरोफेन 12% ईसी (Oxyfluorfen 12?) – यह मुख्य रूप से चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को खत्म करता है. [1, 2]
खेती में इसके काम करने के तरीके, उपयोग और खुराक की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
1. यह कैसे काम करता है? (Mode of Action)
- दोहरी क्रिया (Systemic + Contact Action): इसमें मौजूद प्रोपाक्विज़ाफ़ॉप प्रणालीगत (Systemic) तरीके से काम करते हुए घास की जड़ों तक जाकर उसे सुखाता है। वहीं ऑक्सीफ्लूरोफेन सम्पर्क (Contact) में आते ही खरपतवार की कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। [1, 2]
- एक ही स्प्रे में पूरा समाधान: चूंकि इसमें दोनों टेक्निकल शामिल हैं, इसलिए किसान को संकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए अलग-अलग दवाएं मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती। [1, 2]
2. मुख्य रूप से किस फसल के लिए उपयोगी है?
- प्याज (Onion) और लहसुन (Garlic): यह दवा मुख्य रूप से प्याज की फसल के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार मानी जाती है. इसके अलावा इसका उपयोग सोयाबीन और मूंगफली में भी कुछ विशेष परिस्थितियों में किया जाता है.
- यह प्याज की मुख्य फसल को बिना कोई नुकसान पहुँचाए सिर्फ उसके बीच उगे खरपतवारों को चुन-चुन कर मारता है. [1, 2, 3, 4]
3. किन खरपतवारों (घास) को नियंत्रित करता है?
यह खेत में उगने वाले लगभग सभी प्रकार के सालाना घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नष्ट करता है: [1]
- संकरी पत्ती: सावां (Barnyard Grass), मकरा घास (Crab Grass), दूब घास (बीज से उगी हुई)।
- चौड़ी पत्ती: बथुआ, जंगली चौलाई, गाजर घास, जंगली तंबाकू, जंगली सरसों और पत्थरचट्टा। [1, 2]
4. उपयोग करने का सही समय और तरीका
- खरपतवार की अवस्था: इसका छिड़काव तब करें जब खरपतवार उग चुके हों और वे 2 से 4 पत्तियों की शुरुआती अवस्था में हों। बहुत बड़े हो चुके घासों पर इसका असर कम होता है। [1, 2]
- मिट्टी में नमी: छिड़काव के समय खेत की मिट्टी में पर्याप्त नमी (गीलापन) होनी चाहिए। सूखे खेत में डालने से फसल को झटका लग सकता है और घास भी नहीं मरेगी। [1, 2]





